अन्वयः
वित्रस्ताः alarmed, प्रजाः people, नानद्यमानस्य hearing the lion roar, रक्षसः Rakshasa, तस्यकुम्भकर्णस्य that Kumbhakarna's, निनादम् roar, श्रुत्वा hearing, भूयः became, वितत्रसे scared.
M N Dutt
Hearing the roars of the Raksasa-Kumbhakarna, as he kept crying, creatures, seized with fear, were greatly agitated.
Summary
"People were already afraid of Kumbhakarna, and after hearing the lion roar of this Rakshasa they were even more scared."
पदच्छेदः
| तस्य | तद् (६.१) |
| नानद्यमानस्य | नानद्यमान (६.१) |
| कुम्भकर्णस्य | कुम्भकर्ण (६.१) |
| धीमतः | धीमत् (६.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| निनादं | निनाद (२.१) |
| वित्रस्ता | वित्रस्त (√वि-त्रस् + क्त, १.१) |
| भूयो | भूयस् (अव्ययः) |
| भूमिर् | भूमि (१.१) |
| वितत्रसे | वितत्रसे (√वि-त्रस् लिट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्य | ना | न | द्य | मा | न | स्य |
| कु | म्भ | क | र्ण | स्य | धी | म | तः |
| श्रु | त्वा | नि | ना | दं | वि | त्र | स्ता |
| भू | यो | भू | मि | र्वि | त | त्र | से |