अन्वयः
कामपरीतस्य: seized with passion, तस्य: his, परिदेवितम् lamentation, निशम्य: hearing, कुम्भकर्णः Kumbhakarna, प्रचुक्रोध: enraged, इदम् these, वचनम् words, अब्रवीत् च: uttered.
M N Dutt
Hearing the lament of the king of Rākşasas, Kumbhakarma, laughing said.
Summary
On hearing the lamentation of Ravana seized with passion, enraged Kumbhakarna uttered these words.
पदच्छेदः
| तस्य | तद् (६.१) |
| राक्षसराजस्य | राक्षस–राज (६.१) |
| निशम्य | निशम्य (√नि-शामय् + ल्यप्) |
| परिदेवितम् | परिदेवित (२.१) |
| कुम्भकर्णो | कुम्भकर्ण (१.१) |
| बभाषे | बभाषे (√भाष् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ऽथ | अथ (अव्ययः) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| प्रजहास | प्रजहास (√प्र-हस् लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्य | रा | क्ष | स | रा | ज | स्य |
| नि | श | म्य | प | रि | दे | वि | तम् |
| कु | म्भ | क | र्णो | ब | भा | षे | ऽथ |
| व | च | नं | प्र | ज | हा | स | च |