मुञ्च रामाद्भयं राजन्हनिष्यामीह संयुगे ।
राघवं लक्ष्मणं चैव सुग्रीवं च महाबलम् ।
असाधारणमिच्छामि तव दातुं महद्यशः ॥
मुञ्च रामाद्भयं राजन्हनिष्यामीह संयुगे ।
राघवं लक्ष्मणं चैव सुग्रीवं च महाबलम् ।
असाधारणमिच्छामि तव दातुं महद्यशः ॥
अन्वयः
राजन् king, भयम् fear, मुञ्च give up, इह here, सम्युगे battlefield, राघवम् Rama, लक्ष्मणं Lakshmana, महाबलम् mighty, सुग्रीवं च Sugriva also, येन our, लङ्का Lanka, प्रदीपिता who set fire, रक्षोघ्नम् many Rakshasas, हनूमन्तं च Hanuman also, निहनिष्यामि dispose of.M N Dutt
Cast off all terror of Rāma. I shall slay in battle Rāghava and Lakşmaņa and the exceedingly powerful Sugrīva and the Räksasadestroying Hanumān, who made Lankā blaze. I shall cat up the monkeys present in the encounter. And signal is the celebrity that I shall confer on you.Summary
"O King! Give up the fear, as both Rama and Lakshmana will be made short of work in the battlefield, as also mighty Sugriva and dispose of Hanuman, the destroyer of many Rakshasas and who set fire to Lanka."पदच्छेदः
| मुञ्च | मुञ्च (√मुच् लोट् म.पु. ) |
| रामाद् | राम (५.१) |
| भयं | भय (२.१) |
| राजन् | राजन् (८.१) |
| हनिष्यामीह | हनिष्यामि (√हन् लृट् उ.पु. )–इह (अव्ययः) |
| संयुगे | संयुग (७.१) |
| राघवं | राघव (२.१) |
| लक्ष्मणं | लक्ष्मण (२.१) |
| चैव | च (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| सुग्रीवं | सुग्रीव (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| महाबलम् | महत्–बल (२.१) |
| असाधारणम् | असाधारण (२.१) |
| इच्छामि | इच्छामि (√इष् लट् उ.पु. ) |
| तव | त्वद् (६.१) |
| दातुं | दातुम् (√दा + तुमुन्) |
| महद् | महत् (२.१) |
| यशः | यशस् (२.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मु | ञ्च | रा | मा | द्भ | यं | रा | ज | न्ह | नि | ष्या | मी |
| ह | सं | यु | गे | रा | घ | वं | ल | क्ष्म | णं | चै | व |
| सु | ग्री | वं | च | म | हा | ब | लम् | अ | सा | धा | र |
| ण | मि | च्छा | मि | त | व | दा | तुं | म | ह | द्य | शः |