अन्वयः
तत्र then, राज्ञा king, हृदि in heart, इदम् these, कार्यम् actions, कृतम् done, नः च also approved by us, मतम् opinion, शत्रौ enemy, यत् such, साहसम् courageous, तत् that action, अत्र and then, किम् अपनीयते w hat is wrong in that.
Summary
" At that time the king intended in his heart (to abduct Sita), and we approved his action, and it was done. What is wrong in doing such a courageous action against an enemy?"
पदच्छेदः
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| क्ᄆप्तम् | क्ᄆप्त (√क्ᄆप् + क्त, १.१) |
| इदं | इदम् (१.१) |
| राज्ञा | राजन् (३.१) |
| हृदि | हृद् (७.१) |
| कार्यं | कार्य (१.१) |
| मतं | मत (√मन् + क्त, १.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| नः | मद् (६.३) |
| शत्रौ | शत्रु (७.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| साहसं | साहस (१.१) |
| यत् | यद् (१.१) |
| स्यात् | स्यात् (√अस् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| किम् | क (१.१) |
| इवात्रापनीयते | इव (अव्ययः)–अत्र (अव्ययः)–अपनीयते (√अप-नी प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त्र | कॢ | प्त | मि | दं | रा | ज्ञा |
| हृ | दि | का | र्यं | म | तं | च | नः |
| श | त्रौ | हि | सा | ह | सं | य | त्स्या |
| त्कि | मि | वा | त्रा | प | नी | य | ते |