अन्वयः
रावणः Ravana, अस्य his, श्रोत्रे crown, च also, दिव्यानि wonderful, सुगन्धीनि fragrant, माल्यदामानि garlands, श्रीमति prosperous, कुण्डले च ear rings, असञ्जयामास suspended.
Summary
Ravana then placed his crown, wonderful fragrant garlands and rich suspended earrings on Kumbhakarna.
पदच्छेदः
| दिव्यानि | दिव्य (२.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| सुगन्धीनि | सुगन्धि (२.३) |
| माल्यदामानि | माल्य–दामन् (२.३) |
| रावणः | रावण (१.१) |
| श्रोत्रे | श्रोत्र (७.१) |
| चासञ्जयामास | च (अव्ययः)–आसञ्जयामास (√आ-सञ्जय् प्र.पु. एक.) |
| श्रीमती | श्रीमत् (२.२) |
| चास्य | च (अव्ययः)–इदम् (६.१) |
| कुण्डले | कुण्डल (२.२) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| दि | व्या | नि | च | सु | ग | न्धी | नि |
| मा | ल्य | दा | मा | नि | रा | व | णः |
| श्रो | त्रे | चा | स | ज्ज | या | मा | स |
| श्री | म | ती | चा | स्य | कु | ण्ड | ले |