अन्वयः
घोररूपाः of frightening form, शिवाः she jackals, सज्वालकबलैः flaming morsels, मुखैः from mouth, नेदुः, विहङ्गमाः birds, अपसव्यानि wheeled, मण्डलानि circular way, बबन्धुः settled.
M N Dutt
And fierce jackals began to cry, opening their fiaming mouths. And birds began to wheel at the left.
Summary
She jackals were seen with flaming morsels throwing from their mouths. Birds wheeled in a circular way and settled.
पदच्छेदः
| घोररूपाः | घोर–रूप (१.३) |
| शिवा | शिवा (१.३) |
| नेदुः | नेदुः (√नद् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| सज्वालकवलैर् | स (अव्ययः)–ज्वाल–कवल (३.३) |
| मुखैः | मुख (३.३) |
| मण्डलान्यपसव्यानि | मण्डल (२.३)–अपसव्य (२.३) |
| बबन्धुश्च | बबन्धुः (√बन्ध् लिट् प्र.पु. बहु.)–च (अव्ययः) |
| विहंगमाः | विहंगम (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| घो | र | रू | पाः | शि | वा | ने | दुः |
| स | ज्वा | ल | क | व | लै | र्मु | खैः |
| म | ण्ड | ला | न्य | प | स | व्या | नि |
| ब | ब | न्धु | श्च | वि | हं | ग | माः |