अन्वयः
ग्रष्मे summer, शुष्काणि dried, अरण्यानि forest, पावकः fire god, यथा like that, दहति consumes, तथा that, सःकुम्बकर्णः Kumbhakarna, वानरसैन्यानि Vanara army, विनिर्दहत् consuming.
M N Dutt
As a conflagration burn up a withered forest in the summer, Kumbhakarna burnt that host of the monkeys.
Summary
Just as fire god consumes dried forest in summer, Kumbhakarna was consuming the Vanara army.
पदच्छेदः
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| शुष्काण्यरण्यानि | शुष्क (२.३)–अरण्य (२.३) |
| ग्रीष्मे | ग्रीष्म (७.१) |
| दहति | दहति (√दह् लट् प्र.पु. एक.) |
| पावकः | पावक (१.१) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| वानरसैन्यानि | वानर–सैन्य (२.३) |
| कुम्भकर्णो | कुम्भकर्ण (१.१) |
| विनिर्दहत् | विनिर्दहत् (√विनिः-दह् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | था | शु | ष्का | ण्य | र | ण्या | नि |
| ग्री | ष्मे | द | ह | ति | पा | व | कः |
| त | था | वा | न | र | सै | न्या | नि |
| कु | म्भ | क | र्णो | वि | नि | र्द | हत् |