ततस्तमादाय तदा स मेने; हरीन्द्रमिन्द्रोपममिन्द्रवीर्यः ।
अस्मिन्हृते सर्वमिदं हृतं स्या;त्सराघवं सैन्यमितीन्द्रशत्रुः ॥
ततस्तमादाय तदा स मेने; हरीन्द्रमिन्द्रोपममिन्द्रवीर्यः ।
अस्मिन्हृते सर्वमिदं हृतं स्या;त्सराघवं सैन्यमितीन्द्रशत्रुः ॥
अन्वयः
इन्द्रवीर्यः equal to Indra in heroism, इन्द्रशत्रुः Indra's enemy, सः he, ततः then, इन्द्रोपमम् like Indra, तम् him, हरीन्द्रम् Indra of monkeys, आदाय seizing, तदा then, अस्मिन् his, हते killed, सराघवम् having been killed, सर्वम् all, इदम् like this, सैन्यम् army, हतम् killed, स्यात् including, इति thus, मेने thought.M N Dutt
Thus taking him captive, that mighty one resembling Indra in puissance, thought his death would destroy the entire host of the opponents together with Rāghava.Summary
Then Kumbhakarna, an enemy of Indra, who was equal to Indra in heroism seizing Sugriva, the Indra of monkeys, who is equal to Indra, thought, 'If Sugriva is killed it is like killing all the army including Rama.'पदच्छेदः
| ततस्तम् | ततस् (अव्ययः)–तद् (२.१) |
| आदाय | आदाय (√आ-दा + ल्यप्) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| मेने | मेने (√मन् लिट् प्र.पु. एक.) |
| हरीन्द्रम् | हरि–इन्द्र (२.१) |
| इन्द्रोपमम् | इन्द्र–उपम (२.१) |
| इन्द्रवीर्यः | इन्द्र–वीर्य (१.१) |
| अस्मिन् | इदम् (७.१) |
| हृते | हृत (√हृ + क्त, ७.१) |
| सर्वम् | सर्व (१.१) |
| इदं | इदम् (१.१) |
| हृतं | हृत (√हृ + क्त, १.१) |
| स्यात् | स्यात् (√अस् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| सराघवं | स (अव्ययः)–राघव (१.१) |
| सैन्यम् | सैन्य (१.१) |
| इतीन्द्रशत्रुः | इति (अव्ययः)–इन्द्र–शत्रु (१.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | त | स्त | मा | दा | य | त | दा | स | मे | ने |
| ह | री | न्द्र | मि | न्द्रो | प | म | मि | न्द्र | वी | र्यः |
| अ | स्मि | न्हृ | ते | स | र्व | मि | दं | हृ | तं | स्या |
| त्स | रा | घ | वं | सै | न्य | मि | ती | न्द्र | श | त्रुः |