अन्वयः
अथवा or else, अयम् एषः he alone, पार्थिव remain, सासुरोरगैः Nagas, gods and demons त्रिदशैः all the three, गृहीतः captured, भवेद्यदि by himself, स्वयम् himself, मोक्षम् liberate, प्राप्स्यति will attain.
M N Dutt
Or, even when captured by the whole host of gods or Asuras or serpents he is mighty enough to extricate himself.
Summary
'Or else this Sugriva alone can get liberated by fighting by himself with gods, demons and Nagas also, even if he is captured'.
पदच्छेदः
| अथवा | अथवा (अव्ययः) |
| स्वयम् | स्वयम् (अव्ययः) |
| अप्येष | अपि (अव्ययः)–एतद् (१.१) |
| मोक्षं | मोक्ष (२.१) |
| प्राप्स्यति | प्राप्स्यति (√प्र-आप् लृट् प्र.पु. एक.) |
| पार्थिवः | पार्थिव (१.१) |
| गृहीतो | गृहीत (√ग्रह् + क्त, १.१) |
| ऽयं | इदम् (१.१) |
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| भवेत् | भवेत् (√भू विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| त्रिदशैः | त्रिदश (३.३) |
| सासुरोरगैः | स (अव्ययः)–असुर–उरग (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | थ | वा | स्व | य | म | प्ये | ष |
| मो | क्षं | प्रा | प्स्य | ति | पा | र्थि | वः |
| गृ | ही | तो | ऽयं | य | दि | भ | वे |
| त्त्रि | द | शैः | सा | सु | रो | र | गैः |