अन्वयः
संयुगे in battle, कुम्भकर्णेन Kumbhakarna, शैलप्रहाराभिहतः hit by mountain and lost senses, वानराधिपः Vanara leader, आत्मानम् himself, न बुध्यतेतावत् not able to know, मन्ये I think.
M N Dutt
Meseems, the lord of monkeys struck with dart in battle by Kumbhakarna has not yet recovered his senses.
Summary
"I think that Sugriva, hit by Kumbhakarna with a mountain, has lost senses and is not able to know."
पदच्छेदः
| मन्ये | मन्ये (√मन् लट् उ.पु. ) |
| न | न (अव्ययः) |
| तावद् | तावत् (अव्ययः) |
| आत्मानं | आत्मन् (२.१) |
| बुध्यते | बुध्यते (√बुध् लट् प्र.पु. एक.) |
| वानराधिपः | वानर–अधिप (१.१) |
| शैलप्रहाराभिहतः | शैल–प्रहार–अभिहत (√अभि-हन् + क्त, १.१) |
| कुम्भकर्णेन | कुम्भकर्ण (३.१) |
| संयुगे | संयुग (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| म | न्ये | न | ता | व | दा | त्मा | नं |
| बु | ध्य | ते | वा | न | रा | धि | पः |
| शै | ल | प्र | हा | रा | भि | ह | तः |
| कु | म्भ | क | र्णे | न | सं | यु | गे |