अन्वयः
सर्वाणि all, आयुधानि weapons, भूतले on ground, विप्राकीर्यन्त scattered, महाबलः mighty, सः he, यदा in that, आत्मानम् himself, निरायुधम् deprived of weapons, मेने thought, मुष्टिभ्यां च with fists, चरणाभ्यां च and feet, महत् great, कदनम् senses, चकार created havoc.
Summary
All his weapons scattered on the ground, the mighty Kumbhakarna deprived of weapons thought for himself and created havoc with his feet and fists.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| निरायुधम् | निरायुध (२.१) |
| आत्मानं | आत्मन् (२.१) |
| यदा | यदा (अव्ययः) |
| मेने | मेने (√मन् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महाबलः | महत्–बल (१.१) |
| मुष्टिभ्यां | मुष्टि (३.२) |
| च | च (अव्ययः) |
| चकार | चकार (√कृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| कदनं | कदन (२.१) |
| महत् | महत् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | नि | रा | यु | ध | मा | त्मा | नं |
| य | दा | मे | ने | म | हा | ब | लः |
| मु | ष्टि | भ्यां | चा | र | णा | भ्यां | च |
| च | का | र | क | द | नं | म | हत् |