अन्वयः
अप्ययं minded, राक्षसः Rakshasa, भूमौ on the ground, प्रपत fallen, अन्यान् others, प्लवङ्गमान् monkeys, न हन्यात् not destroy.
M N Dutt
Then today this wicked-minded Rākşasa, oppressed with a mighty weight, will no longer be able to eat up any more monkeys.
Summary
Distressed by heavy weight unable to get up evil minded Rakshasa fallen on the ground will not destroy monkeys.
पदच्छेदः
| अप्ययं | अपि (अव्ययः)–इदम् (१.१) |
| दुर्मतिः | दुर्मति (१.१) |
| काले | काल (७.१) |
| गुरुभारप्रपीडितः | गुरु–भार–प्रपीडित (√प्र-पीडय् + क्त, १.१) |
| प्रपतन् | प्रपतत् (√प्र-पत् + शतृ, १.१) |
| राक्षसो | राक्षस (१.१) |
| भूमौ | भूमि (७.१) |
| नान्यान् | न (अव्ययः)–अन्य (२.३) |
| हन्यात् | हन्यात् (√हन् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| प्लवंगमान् | प्लवंगम (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | प्य | यं | दु | र्म | तिः | का | ले |
| गु | रु | भा | र | प्र | पी | डि | तः |
| प्र | प | त | न्रा | क्ष | सो | भू | मौ |
| ना | न्या | न्ह | न्या | त्प्ल | वं | ग | मान् |