अन्वयः
एते these, देवगणाः Devatas, ऋषिभिःसार्थम् all sages, गगने in the sky, स्थिताः stood, रणे battle, निहतम् your destruction, त्वाम् you, दृष्टवा seeing, प्रहर्षिताः laughing, निनदन्ति aloud.
M N Dutt
These gods stationed in the sky along with the saints, beholding you slain the battle, are shouting in glee.
Summary
"These Devatas and all sages are standing in the sky, seeing the battle and laughing aloud seeing your destruction."
पदच्छेदः
| एते | एतद् (१.३) |
| देवगणाः | देव–गण (१.३) |
| सार्धम् | सार्धम् (अव्ययः) |
| ऋषिभिर् | ऋषि (३.३) |
| गगने | गगन (७.१) |
| स्थिताः | स्थित (√स्था + क्त, १.३) |
| निहतं | निहत (√नि-हन् + क्त, २.१) |
| त्वां | त्वद् (२.१) |
| रणे | रण (७.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| निनदन्ति | निनदन्ति (√नि-नद् लट् प्र.पु. बहु.) |
| प्रहर्षिताः | प्रहर्षित (√प्र-हर्षय् + क्त, १.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | ते | दे | व | ग | णाः | सा | र्ध |
| मृ | षि | भि | र्ग | ग | ने | स्थि | ताः |
| नि | ह | तं | त्वां | र | णे | दृ | ष्ट्वा |
| नि | न | द | न्ति | प्र | ह | र्षि | ताः |