अन्वयः
मे my, राज्येन kingdom, कार्यम् purpose, नास्ति not, सीतया Sita, किंकरिष्यामि What will I do, कुम्भकर्णविहीनस्य Kumbhakarna's death, मे I, जीविते life, मतिः mind, नास्ति lost.
M N Dutt
I have nothing to do with empire. And what shall I do with Sītā? And deprived of Kumbhakarma, I do not even wish to live.
Summary
"I have no purpose with the kingdom. What will I do with Sita? I have lost my life and mind with Kumbhakarna's death."
पदच्छेदः
| राज्येन | राज्य (३.१) |
| नास्ति | न (अव्ययः)–अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| मे | मद् (६.१) |
| कार्यं | कार्य (१.१) |
| किं | क (२.१) |
| करिष्यामि | करिष्यामि (√कृ लृट् उ.पु. ) |
| सीतया | सीता (३.१) |
| कुम्भकर्णविहीनस्य | कुम्भकर्ण–विहीन (√वि-हा + क्त, ६.१) |
| जीविते | जीवित (७.१) |
| नास्ति | न (अव्ययः)–अस्ति (√अस् लट् प्र.पु. एक.) |
| मे | मद् (६.१) |
| रतिः | रति (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | ज्ये | न | ना | स्ति | मे | का | र्यं |
| किं | क | रि | ष्या | मि | सी | त | या |
| कु | म्भ | क | र्ण | वि | ही | न | स्य |
| जी | वि | ते | ना | स्ति | मे | र | तिः |