अन्वयः
रावणः Ravana, कुमाराणाम् for his sons, रक्षणार्थम् for protection of, भ्रातरौ brothers, युद्धोन्मत्तं च Yuddhonmatta, मत्तं च अपि and Matta, संयुगे for combat, प्रेषयामास for defence.
M N Dutt
Rävaņa sent the brothers, Yudhyonmatta and Matta, for protecting the princes in the field.
Summary
Ravana sent his two brothers Yuddhonmatta and Matta for the protection of his sons for defence in combat.
पदच्छेदः
| महोदरमहापार्श्वौ | महोदर–महापार्श्व (२.२) |
| भ्रातरौ | भ्रातृ (२.२) |
| चापि | च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| रावणः | रावण (१.१) |
| रक्षणार्थं | रक्षण–अर्थ (२.१) |
| कुमाराणां | कुमार (६.३) |
| प्रेषयामास | प्रेषयामास (√प्र-इषय् प्र.पु. एक.) |
| संयुगे | संयुग (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| म | हो | द | र | म | हा | पा | र्श्वौ |
| भ्रा | त | रौ | चा | पि | रा | व | णः |
| र | क्ष | णा | र्थं | कु | मा | रा | णां |
| प्रे | ष | या | मा | स | सं | यु | गे |