अन्वयः
क्रुद्धाः angered, संयुगे in combat, कवचाभरणावृतान् decked with shields and ornaments, निर्जजघ्नुः killed, केचित् some, रथगतान् seated on chariots, वीरान् heroes, गजवाजिगतानपि mounted on elephants and horses.
Summary
In the combat, the enraged Vanaras killed Rakshasas decked with shields and ornaments. Some killed the ones mounted on chariots, elephants, and horses.
पदच्छेदः
| निजघ्नुः | निजघ्नुः (√नि-हन् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| संयुगे | संयुग (७.१) |
| क्रुद्धाः | क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, १.३) |
| कवचाभरणावृतान् | कवच–आभरण–आवृत (√आ-वृ + क्त, २.३) |
| केचिद् | कश्चित् (१.३) |
| रथगतान् | रथ–गत (√गम् + क्त, २.३) |
| वीरान् | वीर (२.३) |
| गजवाजिगतान् | गज–वाजिन्–गत (√गम् + क्त, २.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नि | ज | घ्नुः | सं | यु | गे | क्रु | द्धाः |
| क | व | चा | भ | र | णा | वृ | तान् |
| के | चि | द्र | थ | ग | ता | न्वी | रा |
| न्ग | ज | वा | जि | ग | ता | न | पि |