स वानरान्सप्तशतानि वीरः; प्रासेन दीप्तेन विनिर्बिभेद ।
एकः क्षणेनेन्द्ररिपुर्महात्मा; जघान सैन्यं हरिपुंगवानाम् ॥
स वानरान्सप्तशतानि वीरः; प्रासेन दीप्तेन विनिर्बिभेद ।
एकः क्षणेनेन्द्ररिपुर्महात्मा; जघान सैन्यं हरिपुंगवानाम् ॥
अन्वयः
वीरः hero, महात्मा great, सः he, एकः alone, दीप्तेन glowing, प्रासेन spear, क्षणेन in a moment, सप्तशतानि seven hundred, वानरान् Vanaras, वनिर्बिभेद destroyed persistently, इन्द्ररिपुः Indra's enemy, हरिपुङ्गवानाम् monkey leaders, सैन्यम् army, जघान shattered.M N Dutt
That hero by means of an effulgent bearded dart pierced seven hundred monkeys, and at one time the high-souled enemy of Indra slew the army of the foremost of monkeys.Summary
Great hero (Naranthaka) single handed persistently destroyed seven hundred Vanaras with his glowing spear. In that way the enemy of Indra shattered Vanara army and monkey leaders.पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| वानरान् | वानर (२.३) |
| सप्तशतानि | सप्तन्–शत (२.३) |
| वीरः | वीर (१.१) |
| प्रासेन | प्रास (३.१) |
| दीप्तेन | दीप्त (√दीप् + क्त, ३.१) |
| विनिर्बिभेद | विनिर्बिभेद (√विनिः-भिद् लिट् प्र.पु. एक.) |
| एकः | एक (१.१) |
| क्षणेनेन्द्ररिपुर् | क्षण (३.१)–इन्द्र–रिपु (१.१) |
| महात्मा | महात्मन् (१.१) |
| जघान | जघान (√हन् लिट् प्र.पु. एक.) |
| सैन्यं | सैन्य (२.१) |
| हरिपुंगवानाम् | हरि–पुंगव (६.३) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | वा | न | रा | न्स | प्त | श | ता | नि | वी | रः |
| प्रा | से | न | दी | प्ते | न | वि | नि | र्बि | भे | द |
| ए | कः | क्ष | णे | ने | न्द्र | रि | पु | र्म | हा | त्मा |
| ज | घा | न | सै | न्यं | ह | रि | पुं | ग | वा | नाम् |