अन्वयः
विप्रेक्षमाणः looking all around, सःसुग्रीवः that Sugriva, नरान्तकभयत्रस्ताम् fear of Naranthaka, इतस्ततः here and there, विद्रवन्तीम् running, हरिवाहिनीम् monkey troops, ददर्श saw.
M N Dutt
Sugrīva, looking around, saw that monkeyarmy flying in all directions, agitated with the fear of Narantaka.
Summary
Sugriva looked around all over the monkey troops running here and there out of fear of Naranthaka.
पदच्छेदः
| विप्रेक्षमाणः | विप्रेक्षमाण (√विप्र-ईक्ष् + शानच्, १.१) |
| सुग्रीवो | सुग्रीव (१.१) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| हरिवाहिनीम् | हरि–वाहिनी (२.१) |
| नरान्तकभयत्रस्तां | नरान्तक–भय–त्रस्त (√त्रस् + क्त, २.१) |
| विद्रवन्तीम् | विद्रवत् (√वि-द्रु + शतृ, २.१) |
| इतस्ततः | इतस् (अव्ययः)–ततस् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | प्रे | क्ष | मा | णः | सु | ग्री | वो |
| द | द | र्श | ह | रि | वा | हि | नीम् |
| न | रा | न्त | क | भ | य | त्र | स्तां |
| वि | द्र | व | न्ती | मि | त | स्त | तः |