अन्वयः
तदा then, वीर्यवान् heroic, सःअङ्गदः that angada, भर्तुः king's, वचनम् words, श्रुत्वा hearing, मेघसङ्काशात् resembling cluster of clouds, अनीकात् Sun, अंशुमानिव rays, निष्पपात comes out.
M N Dutt
Hearing his master's speech, Angada descended from that host resembling clouds, like the powerful Sun himself.
Summary
On hearing the king's words, Angada went just as the sun rays comes out of a cluster of clouds.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| भर्तुर् | भर्तृ (६.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| निष्पपाताङ्गदस्तदा | निष्पपात (√निः-पत् लिट् प्र.पु. एक.)–अङ्गद (१.१)–तदा (अव्ययः) |
| अनीकान्मेघसंकाशान्मेघानीकाद् | अनीक (५.१)–मेघ–संकाश (५.१)–मेघ–अनीक (५.१) |
| इवांशुमान् | इव (अव्ययः)–अंशुमन्त् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | भ | र्तु | र्व | च | नं | श्रु | त्वा |
| नि | ष्प | पा | ता | ङ्ग | द | स्त | दा |
| अ | नी | का | न्मे | घ | सं | का | शा |
| न्मे | घा | नी | का | दि | वां | शु | मान् |