अन्वयः
महोदरः Mahodara, गजेन with elephant, वालिपुत्रम् Vali's son, समभिद्रुत्य chased towards, सङ्कृद्धः in anger, वज्रसन्निभैः which were like lightning, तोमरैः iron clubs, उरसि chest, जघान attacked.
Summary
Mahodara chased the elephant on to Angada in anger and attacked him on his chest with his iron clubs.
पदच्छेदः
| गजेन | गज (३.१) |
| समभिद्रुत्य | समभिद्रुत्य (√समभि-द्रु + ल्यप्) |
| वालिपुत्रं | वालिन्–पुत्र (२.१) |
| महोदरः | महोदर (१.१) |
| जघानोरसि | जघान (√हन् लिट् प्र.पु. एक.)–उरस् (७.१) |
| संक्रुद्धस्तोमरैर् | संक्रुद्ध (√सम्-क्रुध् + क्त, १.१)–तोमर (३.३) |
| वज्रसंनिभैः | वज्र–संनिभ (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ग | जे | न | स | म | भि | द्रु | त्य |
| वा | लि | पु | त्रं | म | हो | द | रः |
| ज | घा | नो | र | सि | सं | क्रु | द्ध |
| स्तो | म | रै | र्व | ज्र | सं | नि | भैः |