अन्वयः
महोदरः Mahodara, परिघाग्रेण with the iron clubs, तान् them, वृक्षान् trees, बभञ्ज shattered, त्रिशिराः Trisira, सायकैः arrows, वीरम् brave, अङ्गदम् Angada, अभिदुद्राव attacked.
Summary
Mahodara shattered those trees with the iron clubs. Trisira attacked brave Angada with arrows.
पदच्छेदः
| परिघाग्रेण | परिघ–अग्र (३.१) |
| तान् | तद् (२.३) |
| वृक्षान् | वृक्ष (२.३) |
| बभञ्ज | बभञ्ज (√भञ्ज् लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| सुरान्तकः | सुर–अन्तक (१.१) |
| त्रिशिराश्चाङ्गदं | त्रिशिरस् (१.१)–च (अव्ययः)–अङ्गद (२.१) |
| वीरम् | वीर (२.१) |
| अभिदुद्राव | अभिदुद्राव (√अभि-द्रु लिट् प्र.पु. एक.) |
| सायकैः | सायक (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प | रि | घा | ग्रे | ण | ता | न्वृ | क्षा |
| न्ब | भ | ञ्ज | च | सु | रा | न्त | कः |
| त्रि | शि | रा | श्चा | ङ्ग | दं | वी | र |
| म | भि | दु | द्रा | व | सा | य | कैः |