अन्वयः
पर्वतसङ्काशः resembling mountain, धनुष्मान् holding a bow, हरिलोचनः yellow eyes, हयसहस्रेण by a thousand horses, युक्ते drawn, विशाले broad, स्यन्दने chariot, स्थितः seated, असौ is, कः who.
Summary
"Who is he, the yelloweyed, resembling a mountain, seated in the broad chariot drawn by a thousand horses?"
पदच्छेदः
| को | क (१.१) |
| ऽसौ | अदस् (१.१) |
| पर्वतसंकाशो | पर्वत–संकाश (१.१) |
| धनुष्मान् | धनुष्मत् (१.१) |
| हरिलोचनः | हरि–लोचन (१.१) |
| युक्ते | युक्त (√युज् + क्त, ७.१) |
| हयसहस्रेण | हय–सहस्र (३.१) |
| विशाले | विशाल (७.१) |
| स्यन्दने | स्यन्दन (७.१) |
| स्थितः | स्थित (√स्था + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| को | ऽसौ | प | र्व | त | सं | का | शो |
| ध | नु | ष्मा | न्ह | रि | लो | च | नः |
| यु | क्ते | ह | य | स | ह | स्रे | ण |
| वि | शा | ले | स्य | न्द | ने | स्थि | तः |