अन्वयः
अथस्थम् seated, रथिनाम् on the chariot, परम् supreme, भीमवपुषम् dreadful enemy, तम् him, दृष्टवा observing, प्रधानाः foremost, महात्मानः great, ये those, वनौकसः Vanaras, अभिपेतुः rushed towards him.
Summary
Observing the dreadful enemy seated on the chariot, the foremost of the great Vanaras rushed towards him.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| भीमवपुषं | भीम–वपुस् (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| रथस्थं | रथ–स्थ (२.१) |
| रथिनां | रथिन् (६.३) |
| वरम् | वर (२.१) |
| अभिपेतुर् | अभिपेतुः (√अभि-पत् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| महात्मानो | महात्मन् (१.३) |
| ये | यद् (१.३) |
| प्रधानाः | प्रधान (१.३) |
| प्लवंगमाः | प्लवंगम (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | भी | म | व | पु | षं | दृ | ष्ट्वा |
| र | थ | स्थं | र | थि | नां | व | रम् |
| अ | भि | पे | तु | र्म | हा | त्मा | नो |
| ये | प्र | धा | नाः | प्ल | वं | ग | माः |