अन्वयः
लक्ष्मणस्य Lakshmana's, हेतुमत् reasoning, परमार्थवत् full of truth, वचः words, श्रुत्वा hearing, अतिकायः Atikaya, प्रचुक्रोध very furious, उत्तमम् best of, बाणम् arrows, आददे च took.
Summary
On hearing the words of Lakshmana, which was reasonable and full of truth, Atikaya became furious and took up the best of arrows.
पदच्छेदः
| लक्ष्मणस्य | लक्ष्मण (६.१) |
| वचः | वचस् (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| हेतुमत् | हेतुमत् (२.१) |
| परमार्थवत् | परम–अर्थवत् (२.१) |
| अतिकायः | अतिकाय (१.१) |
| प्रचुक्रोध | प्रचुक्रोध (√प्र-क्रुध् लिट् प्र.पु. एक.) |
| बाणं | बाण (२.१) |
| चोत्तमम् | च (अव्ययः)–उत्तम (२.१) |
| आददे | आददे (√आ-दा लिट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ल | क्ष्म | ण | स्य | व | चः | श्रु | त्वा |
| हे | तु | म | त्प | र | मा | र्थ | वत् |
| अ | ति | का | यः | प्र | चु | क्रो | ध |
| बा | णं | चो | त्त | म | मा | द | दे |