अन्वयः
लक्ष्मणः Lakshmana, वीर्यवान् valiant, धनुश्श्रेष्ठे foremost of the wielders of bow, योजयामास stretching, वेगेन quickly, विचकर्ष च till the ear, विससर्ज च discharged.
M N Dutt
And taking it, Lakşmaņa set it on his excellent bow; and drawing the latter, vigorously discharged the shaft.
Summary
Valiant Lakshmana, foremost of the wielders of bow stretching his bow till the ear, quickly discharged the arrow.
पदच्छेदः
| तम् | तद् (२.१) |
| आदाय | आदाय (√आ-दा + ल्यप्) |
| धनुःश्रेष्ठे | धनुस्–श्रेष्ठ (७.१) |
| योजयामास | योजयामास (√योजय् प्र.पु. एक.) |
| लक्ष्मणः | लक्ष्मण (१.१) |
| विचकर्ष | विचकर्ष (√वि-कृष् लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| वेगेन | वेग (३.१) |
| विससर्ज | विससर्ज (√वि-सृज् लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| सायकम् | सायक (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | मा | दा | य | ध | नुः | श्रे | ष्ठे |
| यो | ज | या | मा | स | ल | क्ष्म | णः |
| वि | च | क | र्ष | च | वे | गे | न |
| वि | स | स | र्ज | च | सा | य | कम् |