अन्वयः
युधि in battle, अतिकायेन by Atikaya, वक्षसि chest, ताडितः hurt, सौमित्रिः Saumithri, मत्तः in rut द्विपः elephant, मदम् इव like the fluid, तीव्रम् swiftly, रुधिरम् blood, सुस्राव flowed.
M N Dutt
Struck in the encounter by Atikaya, the son of Sumitra began to bleed copiously, like a mad elephant discharging the temporal jouice.
Summary
In the battle, Saumithri was hurt in the chest by Atikaya's arrow and blood flowed like the ichor from elephant in rut.
पदच्छेदः
| अतिकायेन | अतिकाय (३.१) |
| सौमित्रिस्ताडितो | सौमित्रि (१.१)–ताडित (√ताडय् + क्त, १.१) |
| युधि | युध् (७.१) |
| वक्षसि | वक्षस् (७.१) |
| सुस्राव | सुस्राव (√स्रु लिट् प्र.पु. एक.) |
| रुधिरं | रुधिर (२.१) |
| तीव्रं | तीव्र (२.१) |
| मदं | मद (२.१) |
| मत्त | मत्त (√मद् + क्त, १.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| द्विपः | द्विप (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | ति | का | ये | न | सौ | मि | त्रि |
| स्ता | डि | तो | यु | धि | व | क्ष | सि |
| सु | स्रा | व | रु | धि | रं | ती | व्रं |
| म | दं | म | त्त | इ | व | द्वि | पः |