अन्वयः
राघवः Rama, युक्तरूपेण: worthy of his might, तरसा: speedily, सानुजः his brother, सबलानुगः and his army, सागरम् ocean, सुव्यक्तम् it is clear, सुखम् easily, तरिष्यतिच: will be able to cross.
M N Dutt
Forsooth, shall he cross over the main along with his younger brother and a mighty host.
Summary
"Rama who is worthy of his might, accompanied by his brother and army will be able to cross the ocean speedily and easily."
पदच्छेदः
| तरिष्यति | तरिष्यति (√तृ लृट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| सुव्यक्तं | सु (अव्ययः)–व्यक्त (२.१) |
| राघवः | राघव (१.१) |
| सागरं | सागर (२.१) |
| सुखम् | सुख (२.१) |
| तरसा | तरस् (३.१) |
| युक्तरूपेण | युक्त (√युज् + क्त)–रूप (३.१) |
| सानुजः | स (अव्ययः)–अनुज (१.१) |
| सबलानुगः | स (अव्ययः)–बल–अनुग (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | रि | ष्य | ति | च | सु | व्य | क्तं |
| रा | घ | वः | सा | ग | रं | सु | खम् |
| त | र | सा | यु | क्त | रू | पे | ण |
| सा | नु | जः | स | ब | ला | नु | गः |