अन्वयः
निर्भिद्यमानः snatching, सः he, तान् them, शरान् arrows, सहमानः tolerating the pain, कुम्भस्य Kumbha's, इन्द्रधनुष्प्रभम् like Indra's rainbow, धनुः bow, सहसा forcibly, आक्षिप्य pulling, बभञ्च broke.
Summary
He snatched the bow of Kumbha forcibly which was like Indra's rainbow, pulled it and broke, while tolerating the pain of the arrows.
पदच्छेदः
| निर्भिद्यमानः | निर्भिद्यमान (√निः-भिद् + शानच्, १.१) |
| सहसा | सहस् (३.१) |
| सहमानश्च | सहमान (√सह् + शानच्, १.१)–च (अव्ययः) |
| ताञ् | तद् (२.३) |
| शरान् | शर (२.३) |
| कुम्भस्य | कुम्भ (६.१) |
| धनुर् | धनुस् (२.१) |
| आक्षिप्य | आक्षिप्य (√आ-क्षिप् + ल्यप्) |
| बभञ्जेन्द्रधनुःप्रभम् | बभञ्ज (√भञ्ज् लिट् प्र.पु. एक.)–इन्द्रधनुस्–प्रभा (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नि | र्भि | द्य | मा | नः | स | ह | सा |
| स | ह | मा | न | श्च | ता | ञ्श | रान् |
| कु | म्भ | स्य | ध | नु | रा | क्षि | प्य |
| ब | भ | ञ्जे | न्द्र | ध | नुः | प्र | भम् |