अन्वयः
वीर्यवान् champion, सः he, अर्चिः Sun, चरविमण्डलसप्रभम् shone like disc encircled, मुष्टिम् fist, कुम्भस्य Kumbha's, उरसि chest, पातयामास pressed.
Summary
Sugriva, the champion pressed his first which shone like the Sun encircled with rays on the chest of Kumbha.
पदच्छेदः
| अर्चिःसहस्रविकचं | अर्चिस्–सहस्र–विकच (२.१) |
| रविमण्डलसप्रभम् | रवि–मण्डल–सप्रभ (२.१) |
| स | तद् (१.१) |
| मुष्टिं | मुष्टि (२.१) |
| पातयामास | पातयामास (√पातय् प्र.पु. एक.) |
| कुम्भस्योरसि | कुम्भ (६.१)–उरस् (७.१) |
| वीर्यवान् | वीर्यवत् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | र्चिः | स | ह | स्र | वि | क | चं |
| र | वि | म | ण्ड | ल | स | प्र | भम् |
| स | मु | ष्टिं | पा | त | या | मा | स |
| कु | म्भ | स्यो | र | सि | वी | र्य | वान् |