अन्वयः
मैन्दःतु Maindaaslo, तत्र there, महाहवे great comb at भग्नम् shattered, भ्रातरम् brother, दृष्टवा seeing, महतीम् huge, शिलाम् rock, प्रगृह्य taking, वेगेन swiftly, अभिदुद्राव rushed.
Summary
Seeing the brother shattered in the great combat, Mainda on his part seizing a huge rock rushed swiftly.
पदच्छेदः
| मैन्दस्तु | मैन्द (१.१)–तु (अव्ययः) |
| भ्रातरं | भ्रातृ (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| भग्नं | भग्न (√भञ्ज् + क्त, २.१) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| महाहवे | महत्–आहव (७.१) |
| अभिदुद्राव | अभिदुद्राव (√अभि-द्रु लिट् प्र.पु. एक.) |
| वेगेन | वेग (३.१) |
| प्रगृह्य | प्रगृह्य (√प्र-ग्रह् + ल्यप्) |
| महतीं | महत् (२.१) |
| शिलाम् | शिला (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| मै | न्द | स्तु | भ्रा | त | रं | दृ | ष्ट्वा |
| भ | ग्नं | त | त्र | म | हा | ह | वे |
| अ | भि | दु | द्रा | व | वे | गे | न |
| प्र | गृ | ह्य | म | ह | तीं | शि | लाम् |