अन्वयः
निकुम्भः Nikumbha, भ्रातरम् brother, सुग्रीवेण by Sugriva, निपातितम् struck down, दृष्टवा seeing, कोपेन in wrath, प्रदहन्निव as if burning, वानरेन्द्रम् Vanara king, अवैक्षत gazed
M N Dutt
Seeing his brother slain by Sugrīva, Nikumbha, gazed at the lord of the monkeys, as if consuming him with his passion.
Summary
Seeing his brother struck down by Sugriva, Nikumbha gazed at him as if to burn him in wrath.
पदच्छेदः
| निकुम्भो | निकुम्भ (१.१) |
| भ्रातरं | भ्रातृ (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| सुग्रीवेण | सुग्रीव (३.१) |
| निपातितम् | निपातित (√नि-पातय् + क्त, २.१) |
| प्रदहन्न् | प्रदहत् (√प्र-दह् + शतृ, १.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| कोपेन | कोप (३.१) |
| वानरेन्द्रम् | वानर–इन्द्र (२.१) |
| अवैक्षत | अवैक्षत (√अव-ईक्ष् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नि | कु | म्भो | भ्रा | त | रं | दृ | ष्ट्वा |
| सु | ग्री | वे | ण | नि | पा | ति | तम् |
| प्र | द | ह | न्नि | व | को | पे | न |
| वा | न | रे | न्द्र | म | वै | क्ष | त |