अन्वयः
अहम् I, राक्षसराजेन by Rakshasa king's, महात्मना great self, रावणेन to Ravana, समरे in battle, तौ those, रामलक्ष्मणौ Rama and Lakshmana, उभौ both, हन्तुम् will kill, आज्ञप्तः by his order
M N Dutt
I have been commanded by the high-souled Rāvana, the lord of Räksasas, to slay both Rāma and Lakşmaņa in conflict.
Summary
"I will kill both Rama and Lakshmana in the battle, by the order of Ravana, the king of Rakshasas."
पदच्छेदः
| अहं | मद् (१.१) |
| राक्षसराजेन | राक्षस–राज (३.१) |
| रावणेन | रावण (३.१) |
| महात्मना | महात्मन् (३.१) |
| आज्ञप्तः | आज्ञप्त (√आ-ज्ञपय् + क्त, १.१) |
| समरे | समर (७.१) |
| हन्तुं | हन्तुम् (√हन् + तुमुन्) |
| तावुभौ | तद् (२.२)–उभ् (२.२) |
| रामलक्ष्मणौ | राम–लक्ष्मण (२.२) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | हं | रा | क्ष | स | रा | जे | न |
| रा | व | णे | न | म | हा | त्म | ना |
| आ | ज्ञ | प्तः | स | म | रे | ह | न्तुं |
| ता | वु | भौ | रा | म | ल | क्ष्म | णौ |