अन्वयः
निशाचरः night ranger, रथम् chariot, प्रदक्षिणंकृत्वा after having gone round, सूतम् charioteer, आरुरोह ascended मेmy, रथम्chariot, शीघ्रम् quickly, आवह get, सञ्चोदयामास drive the chariot
M N Dutt
And going round the chariot and addressing the charioteer that night-ranger (Makarāksa) said, O charioteer, do you soon drive the chariot.
Summary
After having gone round the chariot he (Makara) ascended and said to the charioteer, 'let the chariot be driven quickly'.
पदच्छेदः
| प्रदक्षिणं | प्रदक्षिण (२.१) |
| रथं | रथ (२.१) |
| कृत्वा | कृत्वा (√कृ + क्त्वा) |
| आरुरोह | आरुरोह (√आ-रुह् लिट् प्र.पु. एक.) |
| निशाचरः | निशाचर (१.१) |
| सूतं | सूत (२.१) |
| संचोदयामास | संचोदयामास (√सम्-चोदय् प्र.पु. एक.) |
| शीघ्रं | शीघ्रम् (अव्ययः) |
| मे | मद् (६.१) |
| रथम् | रथ (२.१) |
| आवह | आवह (√आ-वह् लोट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| प्र | द | क्षि | णं | र | थं | कृ | त्वा |
| आ | रु | रो | ह | नि | शा | च | रः |
| सू | तं | सं | चो | द | या | मा | स |
| शी | घ्रं | मे | र | थ | मा | व | ह |