अन्वयः
चतुर्भिः the four, वाजिभिःhorses, निशितैःsharp, बाणैः arrows, युतःfitted, आरोपितमहाचापः mighty bow, सः he, स्यन्दनोत्तमःshining exquisitely, शुशुभे charming
M N Dutt
It was drawn by four horses and a huge bow, set with sharp arrows, appeared beautiful on that excellent car.
Summary
Drawn by horses, fitted with sharp mighty bows, the chariot was shining exquisitely and looked charming.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| वाजिभिश्चतुर्भिस्तु | वाजिन् (३.३)–चतुर् (३.३)–तु (अव्ययः) |
| बाणैश्च | बाण (३.३)–च (अव्ययः) |
| निशितैर् | निशित (√नि-शा + क्त, ३.३) |
| युतः | युत (१.१) |
| आरोपितमहाचापः | आरोपित (√आ-रोपय् + क्त)–महत्–चाप (१.१) |
| शुशुभे | शुशुभे (√शुभ् लिट् प्र.पु. एक.) |
| स्यन्दनोत्तमे | स्यन्दन–उत्तम (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | वा | जि | भि | श्च | तु | र्भि | स्तु |
| बा | णै | श्च | नि | शि | तै | र्यु | तः |
| आ | रो | पि | त | म | हा | चा | पः |
| शु | शु | भे | स्य | न्द | नो | त्त | मे |