अन्वयः
अद्य now, उर्वीम् earth, निर्वानरां devoid of monkeys, रामम् Rama, लक्ष्मणं च and Lakshmana, हत्वा killing, परमाम् supreme, प्रीतिम् joy, करिष्ये provide, इति thus, उक्त्वा having spoken, अन्तरधीयत invisible
M N Dutt
Destroying Rāma and Lakşmaņa, and clearing the monkeys off the earth, shall I satisfy my sire greatly. Saying this, he disappeared from their view.
Summary
'Making the earth devoid of monkeys, killing Rama and Lakshmana, I will provide supreme joy to my father now', saying so he became invisible.
पदच्छेदः
| कृत्वा | कृत्वा (√कृ + क्त्वा) |
| निर्वानराम् | निर्वानर (२.१) |
| उर्वीं | उर्वी (२.१) |
| हत्वा | हत्वा (√हन् + क्त्वा) |
| रामं | राम (२.१) |
| सलक्ष्मणम् | स (अव्ययः)–लक्ष्मण (२.१) |
| करिष्ये | करिष्ये (√कृ लृट् उ.पु. ) |
| परमां | परम (२.१) |
| प्रीतिम् | प्रीति (२.१) |
| इत्युक्त्वान्तरधीयत | इति (अव्ययः)–उक्त्वा (√वच् + क्त्वा)–अन्तरधीयत (√अन्तः-धा प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| कृ | त्वा | नि | र्वा | न | रा | मु | र्वीं |
| ह | त्वा | रा | मं | स | ल | क्ष्म | णम् |
| क | रि | ष्ये | प | र | मां | प्री | ति |
| मि | त्यु | क्त्वा | न्त | र | धी | य | त |