अन्वयः
इन्द्रजित् Indrajith, तम् him, एवम् in that way, उक्त्वाspoken, रुदतीम् crying, मायामयीम् illusory, तांसीताम् Sita, स्वयम् himself, शितधारेण with sharpedged, खङ्गेन sword, निजघानkillled
M N Dutt
Saying this, Indrajit with a sharp sword, himself killed the illusory Sitā thus bewailing.
Summary
Indrajith having spoken like that killed that crying illusory Sita with a sharpedged sword.
पदच्छेदः
| तम् | तद् (२.१) |
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| रुदतीं | रुदत् (√रुद् + शतृ, २.१) |
| सीतां | सीता (२.१) |
| मायामयीं | माया–मय (२.१) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| शितधारेण | शित (√शा + क्त)–धारा (३.१) |
| खड्गेन | खड्ग (३.१) |
| निजघानेन्द्रजित् | निजघान (√नि-हन् लिट् प्र.पु. एक.)–इन्द्रजित् (१.१) |
| स्वयम् | स्वयम् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | मे | व | मु | क्त्वा | रु | द | तीं |
| सी | तां | मा | या | म | यीं | त | तः |
| शि | त | धा | रे | ण | ख | ड्गे | न |
| नि | ज | घा | ने | न्द्र | जि | त्स्व | यम् |