अन्वयः
सःइन्द्रजित् that Indrajith, महता long, खडगेन sword, स्वयम् by himself, ताम् her, हत्वा killed, ततः then, हृष्टःjoyful, रथम् chariot, आस्थाय ascended, महास्वनम् loud tone, ननादच roared
M N Dutt
a Destroying her with his own hand by means of a huge sword, Indrajit, greatly pleased ascended his car and began to emit dreadful roars.
Summary
Indrajith himself with his long sword killed her, then rejoiced, he ascended the chariot and roared in a loud tone.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| खड्गेन | खड्ग (३.१) |
| महता | महत् (३.१) |
| हत्वा | हत्वा (√हन् + क्त्वा) |
| ताम् | तद् (२.१) |
| इन्द्रजित् | इन्द्रजित् (१.१) |
| स्वयम् | स्वयम् (अव्ययः) |
| हृष्टः | हृष्ट (√हृष् + क्त, १.१) |
| स | तद् (१.१) |
| रथम् | रथ (२.१) |
| आस्थाय | आस्थाय (√आ-स्था + ल्यप्) |
| विननाद | विननाद (√वि-नद् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महास्वनम् | महत्–स्वन (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | ख | ड्गे | न | म | ह | ता |
| ह | त्वा | ता | मि | न्द्र | जि | त्स्व | यम् |
| हृ | ष्टः | स | र | थ | मा | स्था | य |
| वि | न | ना | द | म | हा | स्व | नम् |