पदच्छेदः
| पतितायां | पतित (√पत् + क्त, ७.१) |
| शिलायां | शिला (७.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| रक्षसां | रक्षस् (६.३) |
| व्यथिता | व्यथित (√व्यथ् + क्त, १.१) |
| चमूः | चमू (१.१) |
| तम् | तद् (२.१) |
| अभ्यधावञ् | अभ्यधावन् (√अभि-धाव् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| शतशो | शतशस् (अव्ययः) |
| नदन्तः | नदत् (√नद् + शतृ, १.३) |
| काननौकसः | काननौकस् (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प | ति | ता | यां | शि | ला | यां | तु |
| र | क्ष | सां | व्य | थि | ता | च | मूः |
| त | म | भ्य | धा | व | ञ्श | त | शो |
| न | द | न्तः | का | न | नौ | क | सः |