अन्वयः
वीर heroic, इन्द्रजिताIndrajith, कृतम् तत् having done so, विपुलम् very, दुःखम् sorrow, अद्यthis कर्मणा action, व्यपनेष्यामि will get rid of the the agony, राघव Raghava, तस्मात् therefore, उत्तिष्ठ get up
M N Dutt
But, O hero, today, O Raghava, by my acts will I remove this huge sorrow that has been heaped upon us by Indrajit. Therefore, rise you up.
Summary
"Get up, heroic Raghava! I will get rid of the agony caused to you by Indrajith, by the action."
पदच्छेदः
| तद् | तद् (१.१) |
| अद्य | अद्य (अव्ययः) |
| विपुलं | विपुल (१.१) |
| वीर | वीर (८.१) |
| दुःखम् | दुःख (१.१) |
| इन्द्रजिता | इन्द्रजित् (३.१) |
| कृतम् | कृत (√कृ + क्त, १.१) |
| कर्मणा | कर्मन् (३.१) |
| व्यपनेष्यामि | व्यपनेष्यामि (√व्यप-नी लृट् उ.पु. ) |
| तस्माद् | तस्मात् (अव्ययः) |
| उत्तिष्ठ | उत्तिष्ठ (√उत्-स्था लोट् म.पु. ) |
| राघव | राघव (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | द | द्य | वि | पु | लं | वी | र |
| दुः | ख | मि | न्द्र | जि | ता | कृ | तम् |
| क | र्म | णा | व्य | प | ने | ष्या | मि |
| त | स्मा | दु | त्ति | ष्ठ | रा | घ | व |