अन्वयः
हितचिकीर्षुणा for his welfare, मया by me, वैदेहीम् Vaidehi, उत्सृजस्व return, इति this, सुबहुशः, याच्यमानःpleaded, तत् that, वचःwords, न कृतवान् not done
M N Dutt
I, seeking his welfare, had besought him much, saying, 'Let go Vaidehi', but he did not act up to my speech.
Summary
"Though I pleaded Ravana to return Vaidehi for his welfare, he did not accept my word."
पदच्छेदः
| याच्यमानः | याच्यमान (√याच् + शानच्, १.१) |
| सुबहुशो | सु (अव्ययः)–बहुशस् (अव्ययः) |
| मया | मद् (३.१) |
| हितचिकीर्षुणा | हित–चिकीर्षु (३.१) |
| वैदेहीम् | वैदेही (२.१) |
| उत्सृजस्वेति | उत्सृजस्व (√उत्-सृज् लोट् म.पु. )–इति (अव्ययः) |
| न | न (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| तत् | तद् (२.१) |
| कृतवान् | कृतवत् (√कृ + क्तवतु, १.१) |
| वचः | वचस् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| या | च्य | मा | नः | सु | ब | हु | शो |
| म | या | हि | त | चि | की | र्षु | णा |
| वै | दे | ही | मु | त्सृ | ज | स्वे | ति |
| न | च | त | त्कृ | त | वा | न्व | चः |