अन्वयः
विभीषणवचः Vibheeshana, श्रुत्वा having heard, रामः Rama, वाक्यम् words, अब्रवीत् spoken, सत्यपराक्रम of truthful valour, रौद्रस्य fierce, तस्य his, मायाम् conjuring skill, जानामि known to me
M N Dutt
Hearing Vibhīşana's words, Rāma said, “O you having truth for prowess, I know the illusion of that fierce one.
Summary
Hearing Vibheeshana, Rama said" the conjuring skills of Indrajith of truthful valour is known to me."
पदच्छेदः
| विभीषणवचः | विभीषण–वचस् (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| रामो | राम (१.१) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| अथाब्रवीत् | अथ (अव्ययः)–अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| जानामि | जानामि (√ज्ञा लट् उ.पु. ) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| रौद्रस्य | रौद्र (६.१) |
| मायां | माया (२.१) |
| सत्यपराक्रम | सत्य–पराक्रम (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | भी | ष | ण | व | चः | श्रु | त्व |
| रा | मो | वा | क्य | म | था | ब्र | वीत् |
| जा | ना | मि | त | स्य | रौ | द्र | स्य |
| मा | यां | स | त्य | प | रा | क्र | म |