अन्वयः
सःमारुतिः he, Maruthi, घोराणि frightening, तानिशस्त्राणि those weapons, प्रतिगृह्य receiving, महता great, रोषेण rage, आविष्टः overcome by, इदंवाक्यम् this words, उवाच spoke
M N Dutt
And bearing all those dreadful arms, the Wind-god's offspring, overcome with a mighty rage said.
Summary
Receiving those frightening weapons, Maruthi spoke these words overcome by anger.
पदच्छेदः
| तानि | तद् (२.३) |
| शस्त्राणि | शस्त्र (२.३) |
| घोराणि | घोर (२.३) |
| प्रतिगृह्य | प्रतिगृह्य (√प्रति-ग्रह् + ल्यप्) |
| स | तद् (१.१) |
| मारुतिः | मारुति (१.१) |
| रोषेण | रोष (३.१) |
| महताविष्टो | महत् (३.१)–आविष्ट (√आ-विश् + क्त, १.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| चेदम् | च (अव्ययः)–इदम् (२.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ह | ह (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ता | नि | श | स्त्रा | णि | घो | रा | णि |
| प्र | ति | गृ | ह्य | स | मा | रु | तिः |
| रो | षे | ण | म | ह | ता | वि | षो |
| वा | क्यं | चे | द | मु | वा | च | ह |