अन्वयः
शुभलक्षणः auspicious, लक्ष्मणः Lakshmana, विभीषणवचः Vibheeshana's words, श्रुत्वा on hearing, राक्षसेन्द्रसुतं Rakshasa king's son प्रति in turn, शरवर्षाणि rain of arrows, ववर्ष rained
M N Dutt
Hearing Vibhisana's.words, Laksmana graced with auspicious marks began to shower arrows on the son of the Raksasa-chief.
Summary
Lakshmana, who had auspicious marks, on hearing Vibheeshana rained showers of arrows on Ravana's son.
पदच्छेदः
| विभीषणवचः | विभीषण–वचस् (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| लक्ष्मणः | लक्ष्मण (१.१) |
| शुभलक्षणः | शुभ–लक्षण (१.१) |
| ववर्ष | ववर्ष (√वृष् लिट् प्र.पु. एक.) |
| शरवर्षाणि | शर–वर्ष (२.३) |
| राक्षसेन्द्रसुतं | राक्षस–इन्द्र–सुत (२.१) |
| प्रति | प्रति (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | भी | ष | ण | व | चः | श्रु | त्वा |
| ल | क्ष्म | णः | शु | भ | ल | क्ष | णः |
| व | व | र्ष | श | र | व | र्षा | णि |
| रा | क्ष | से | न्द्र | सु | तं | प्र | ति |