अन्वयः
अहम् I, दारुणेन cruel, न रमे not revel, अधर्मेण च unrighteousness, न रमेवै not follow, विषमशीलोऽपि of unfavourable disposition, भ्राता a brother, भ्रात्रा by a brother, कथम् how निरस्यते expelled
Summary
"I do not delight in cruel deeds, nor follow unrighteousness. Or else because of unfavourable disposition how can a brother be expelled by a brother?"
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| रमे | रमे (√रम् लट् उ.पु. ) |
| दारुणेनाहं | दारुण (३.१)–मद् (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| चाधर्मेण | च (अव्ययः)–अधर्म (३.१) |
| वै | वै (अव्ययः) |
| रमे | रमे (√रम् लट् उ.पु. ) |
| भ्रात्रा | भ्रातृ (३.१) |
| विषमशीलेन | विषम–शील (३.१) |
| कथं | कथम् (अव्ययः) |
| भ्राता | भ्रातृ (१.१) |
| निरस्यते | निरस्यते (√निः-अस् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | र | मे | दा | रु | णे | ना | हं |
| न | चा | ध | र्मे | ण | वै | र | मे |
| भ्रा | त्रा | वि | ष | म | शी | ले | न |
| क | थं | भ्रा | ता | नि | र | स्य | ते |