अन्वयः
ततः thereafter, राक्षसः Rakshasa, सर्वभूतानाम् for all beings, अदृश्यःinvisible, भवति becomes, समरे battle, शत्रून् enemies, निहन्ति kills, शरोत्तमैः best arrows, बध्नाति binds
M N Dutt
Then the Rākşasas becomes invisible to all beings; and he slay his enemies in battle and fastens them with excellent shafts.
Summary
"Thereafter he becomes invisible for all beings and kills his enemies with the best of arrows and binds them."
पदच्छेदः
| अदृश्यः | अदृश्य (१.१) |
| सर्वभूतानां | सर्व–भूत (६.३) |
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| भवति | भवति (√भू लट् प्र.पु. एक.) |
| राक्षसः | राक्षस (१.१) |
| निहन्ति | निहन्ति (√नि-हन् लट् प्र.पु. एक.) |
| समरे | समर (७.१) |
| शत्रून् | शत्रु (२.३) |
| बध्नाति | बध्नाति (√बन्ध् लट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| शरोत्तमैः | शर–उत्तम (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | दृ | श्यः | स | र्व | भू | ता | नां |
| त | तो | भ | व | ति | रा | क्ष | सः |
| नि | ह | न्ति | स | म | रे | श | त्रू |
| न्ब | ध्ना | ति | च | श | रो | त्त | मैः |