अन्वयः
लक्ष्मण Lakshmana, अद्य today, मया by me, निहतम् struck down, गतासुम् ceased of life, त्वाम् you, गोमायुसङ्घाश्च jackals descend, श्येनसङ्घाश्च hawks descend, गृध्राश्च and vultures, निपतन्तु fallen dead
M N Dutt
To-day, O Laksmana, swarms of jackals and hosts of hawks and vultures shall alight on you lying lifeless, having been slain by me.
Summary
"Lakshmana! Today let the jackals, hawks and vultures descend on your bodystruck down by me and ceased of life fallen dead."
पदच्छेदः
| अद्य | अद्य (अव्ययः) |
| गोमायुसंघाश्च | गोमायु–संघ (१.३)–च (अव्ययः) |
| श्येनसंघाश्च | श्येन–संघ (१.३)–च (अव्ययः) |
| लक्ष्मण | लक्ष्मण (८.१) |
| गृध्राश्च | गृध्र (१.३)–च (अव्ययः) |
| निपतन्तु | निपतन्तु (√नि-पत् लोट् प्र.पु. बहु.) |
| त्वां | त्वद् (२.१) |
| गतासुं | गतासु (२.१) |
| निहतं | निहत (√नि-हन् + क्त, २.१) |
| मया | मद् (३.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | द्य | गो | मा | यु | सं | घा | श्च |
| श्ये | न | सं | घा | श्च | ल | क्ष्म | ण |
| गृ | ध्रा | श्च | नि | प | त | न्तु | त्वां |
| ग | ता | सुं | नि | ह | तं | म | या |