पदच्छेदः
| बलवृत्राविव | बल–वृत्र (१.२)–इव (अव्ययः) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| तौ | तद् (१.२) |
| युधि | युध् (७.१) |
| वै | वै (अव्ययः) |
| दुष्प्रधर्षणौ | दुष्प्रधर्षण (१.२) |
| युयुधाते | युयुधाते (√युध् लिट् प्र.पु. द्वि.) |
| महात्मानौ | महात्मन् (१.२) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| केसरिणाविव | केसरिन् (१.२)–इव (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ब | ल | वृ | त्रा | वि | व | हि | तौ |
| यु | धि | वै | दु | ष्प्र | ध | र्ष | णौ |
| यु | यु | धा | ते | म | हा | त्मा | नौ |
| त | दा | के | स | रि | णा | वि | व |