अन्वयः
निशाचर night ranger, रणगताः coming for war, शूराः heroes, एवम् this way, प्रहरन्ति strike, तव your, इमेशराः these arrows, लघवश्च weak, अल्पवीर्याश्च less painful, सुखाःहि conducive
Summary
"O Night ranger! Heroes coming for war do not strike this way. These arrows are weak, so not painful but conducive."
पदच्छेदः
| नैवं | न (अव्ययः)–एवम् (अव्ययः) |
| रणगताः | रण–गत (√गम् + क्त, १.३) |
| शूराः | शूर (१.३) |
| प्रहरन्ति | प्रहरन्ति (√प्र-हृ लट् प्र.पु. बहु.) |
| निशाचर | निशाचर (८.१) |
| लघवश्चाल्पवीर्याश्च | लघु (१.३)–च (अव्ययः)–अल्प–वीर्य (१.३)–च (अव्ययः) |
| सुखा | सुख (१.३) |
| हीमे | हि (अव्ययः)–इदम् (१.३) |
| शरास्तव | शर (१.३)–त्वद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| नै | वं | र | ण | ग | तः | शू | राः |
| प्र | ह | र | न्ति | नि | शा | च | र |
| ल | घ | व | श्चा | ल्प | वी | र्या | श्च |
| सु | खा | ही | मे | श | रा | स्त | व |