अन्वयः
ततः then, अवस्थितः stood, महत् great, धनुः bow, विष्फारयामास stretched, राक्षसेषु on Rakshasas, तीक्ष्णाग्रान् sharp pointed, महाशरान् great arrows, उत्ससर्ज च loosened.
M N Dutt
Taking up his post, he stretched his great bow and shot terrific sharp-pointed shafts at the Rāks asas.
Summary
Then Vibheeshana stood with stretched bow and loosened sharp pointed arrows on Rakshasas.
पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| विस्फारयामास | विस्फारयामास (√वि-स्फारय् प्र.पु. एक.) |
| महद् | महत् (२.१) |
| धनुर् | धनुस् (२.१) |
| अवस्थितः | अवस्थित (√अव-स्था + क्त, १.१) |
| उत्ससर्ज | उत्ससर्ज (√उत्-सृज् लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| तीक्ष्णाग्रान् | तीक्ष्ण–अग्र (२.३) |
| राक्षसेषु | राक्षस (७.३) |
| महाशरान् | महत्–शर (२.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तो | वि | स्फा | र | या | मा | स |
| म | ह | द्ध | नु | र | व | स्थि | तः |
| उ | त्स | स | र्ज | च | ती | क्ष्णा | ग्रा |
| न्रा | क्ष | से | षु | म | हा | श | रान् |