अन्वयः
तदा then, तैः they, राक्षसैः Rakshasas, परिवृतः surrounding, सःविभीषणः Vibheeshana, प्रहृष्टानाम् delighted, कलभानाम् young elephants, मध्ये midst, द्विपःइव shone, बभौ remained
M N Dutt
Surrounded by those Raksasas, Vibhisana, then in the midst of his followers, appeared like an elephant in the midst of young ones.
Summary
Vibheeshana surrounded by Rakshasas shone like an elephant in the midst of young elephants.
पदच्छेदः
| राक्षसैस्तैः | राक्षस (३.३)–तद् (३.३) |
| परिवृतः | परिवृत (√परि-वृ + क्त, १.१) |
| स | तद् (१.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| विभीषणः | विभीषण (१.१) |
| बभौ | बभौ (√भा लिट् प्र.पु. एक.) |
| मध्ये | मध्य (७.१) |
| प्रहृष्टानां | प्रहृष्ट (√प्र-हृष् + क्त, ६.३) |
| कलभानाम् | कलभ (६.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| द्विपः | द्विप (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | क्ष | सै | स्तैः | प | रि | वृ | तः |
| स | त | दा | तु | वि | भी | ष | णः |
| ब | भौ | म | ध्ये | प्र | हृ | ष्टा | नां |
| क | ल | भा | ना | मि | व | द्वि | पः |